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National News: इस बार नवरात्रि पर बन रहा अद्भुत संयोग, पंडित देवस्य मिश्र से जानिए शुभ मुहूर्त व पूजा विधि

इस नवरात्रि 2025 पर किस प्रकार से बन रहा है अद्भुत सहयोग रवि योग गजकेसरी योग और बुधादित योग से मां जगत की जननी जगदंबा करेंगी सबका कल्याण जानिए  हमारे साथ 



पंडित देवस्य मिश्र जी संपर्क सूत्र नंबर 9628203064


घटस्थापना मुहूर्त: 30 मार्च, प्रातः 05 बजकर 52 मिनट से 09 बजकर 59 मिनट तक।

अभिजित मुहूर्त: 30 मार्च, प्रातः 11 बजकर 38 मिनट से दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक।

सर्वार्थ सिद्धि योग: 30 मार्च की शाम 04 बजकर 35 मिनट से 31 मार्च की सुबह 05 बजकर 50 मिनट तक।

रेवती नक्षत्र: 29 मार्च, शाम 07 बजकर 26 मिनट पर प्रारंभ होगा और 30 मार्च को शाम 04 बजकर 35 मिनट पर समाप्त होगा।

वैधृति योग: 30 मार्च को शाम 05 बजकर 54 मिनट पर होगा और 31 मार्च को दोपहर 01 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगा¹।


चैत्र नवरात्रि 2025 का समय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ रहेगा, जबकि कुछ राशियों को थोड़ी सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। यह समय विशेष रूप से सकारात्मक बदलाव और उन्नति का समय साबित हो सकता है। इस दौरान मां दुर्गा की उपासना से जीवन में समृद्धि, खुशहाली और शांति का आगमन हो सकता है। सभी राशियों को अपनी जीवन यात्रा में सफलता और सुख प्राप्ति के लिए इस समय का सही उपयोग करना चाहिए।


हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का अत्यधिक महत्व है। यह विशेष पर्व हर साल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होता है और पूरे नौ दिनों तक चलता है। इस बार 2025 में चैत्र नवरात्रि 30 मार्च दिन रविवार  से शुरू होकर 6 अप्रैल दिन रविवार  तक रहेगी। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा अर्चना की जाती है, जो जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का प्रतीक मानी जाती है। विशेष रूप से, इसी दिन से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है, जो नई उम्मीदों और संकल्पों का संचार करता है।

इस बार चैत्र नवरात्रि का आरंभ रविवार से हो रहा है यानी कि इस साल मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर धरती पर आएंगी। मां दुर्गा का हाथी पर सवार होकर आना बहुत ही शुभ संकेत माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा होने लोगों के धन में वृद्धि होती है और देश की अर्थ व्यवसथा में सुधार होता है।   इस साल चैत्र नवरात्रि में अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग का अद्भुत संयोग बन रहा है। नवरात्रि के पहले दिन  इंद्र योग और रेवती नक्षत्र का संयोग भी रहेगा। ऐसे में इस विशेष संयोग का शुभ असर सभी राशियों पर देखने को मिलेगा

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