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अध्ययन और अध्यापन शिक्षक का प्रथम दायित्व: प्रो विकास शर्मा



बस्ती:महिला महाविद्यालय बस्ती में उच्च शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनुदानित तथा महाविद्यालय के उर्दू विभाग के तत्त्वावधान में आयोजित  दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी मेंआज प्रथम दिवस प्राचार्या प्रो सुनीता तिवारी के मार्ग दर्शन और उर्दू विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर नेहा परवीन के संयोजकत्व में आयोजित संगोष्ठी का विषय-"'राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: भारतीय उच्च शिक्षा के पुनर्निर्माण" के प्रथम दिवस के     प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता प्रो विकास शर्मा ,प्रोफेसर अंग्रेजी विभाग,चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ,मुख्य अतिथि प्रो दीपक बाबू,प्रो वाणिज्य विभाग सिद्धार्थ विश्विद्यालय कपिलवस्तु, महाविद्यालय के मंत्री/व्यवस्थापक संजय कुमार उपाध्याय,प्राचार्या प्रो सुनीता तिवारी,प्रो ब्रजेश त्रिपाठी प्राचार्य हीरा लाल राम निवास पी जी कॉलेज खलीलाबाद ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यर्पण एवं ,दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया,                  

प्राचार्य प्रो० सुनीता तिवारी ने अपने स्वागत उद्बोधन में मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत एवं स्वागत सम्मान स्मृति चिह्न प्रदान करते हुए किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा- महाविद्यालय निरंतर प्रगति की दिशा में अग्रसर है।

प्रथम दिवस में सेमिनार में दो सत्रों में विभाजित किया गया।

मुख्य अतिथि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय सिद्धार्थ नगर के वाणिज्य संकाय के प्रो०दीपक बाबू रहे।

मुख्य वक्ता अंग्रेजी के प्रसिद्ध उपन्यासकार व लेखक प्रो विकास शर्मा ने कहा कि अध्ययन और अध्यापन शिक्षक का प्रथम दायित्व है, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय को अपनी आधार भूत संरचना को बढ़ाना चाहिए तभी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति कारगर सिद्ध होगी।राष्ट्रीय शिक्षा नीति, शिक्षक,छात्र समस्या,भारतीय ज्ञान परम्परा पर विस्तृत रूप से अपनी बातें बात कही। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा डॉ० नगेन्द्र कहते हैं-"मैं व्यवसाय से आलोचक हूं।" आगे उन्होंने अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि समाज में शिक्षक,पत्रकार,कवि और संतो को सच जरूर बोलना चाहिए।

  विशिष्ट अतिथि एवं प्रतिष्ठित वक्ता  अवध गर्ल्स पीजी कॉलेज, लखनऊ की प्राचार्य प्रो०बीना राय ने विस्तृत रूप से अपना वक्तव्य रखते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सकारात्मक एवं नकारात्मक बिंदुओं दोनों पर चर्चा की।

आगे उन्होंने कहा -"राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 हमारी भारतीय ज्ञान परम्परा को बढ़ाने में सहायक है।"



  विशिष्ट वक्त प्रो०बृजेश कुमार त्रिपाठी प्राचार्य हीरालाल राम निवास पी० जी कॉलेज ,खलीलाबाद ने अपने वक्तव्य में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति नीति 2020 समाज के समग्र विकास में सहायक है।

मुख्य अतिथि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय सिद्धार्थ नगर के वाणिज्य संकाय के प्रो० दीपक बाबू ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला।अपने वक्तव्य में कहा-" शिक्षकों को कक्षाओं में नित नए ज्ञान का प्रवाह करना चाहिए ।

कार्यक्रम के द्वितीय चरण में प्रथम तकनीकी सत्र की अध्यक्षता प्रो०रघुवंश मणि त्रिपाठी शिवहर्ष किसान पी जी कॉलेज बस्ती ने किया।अपने विस्तृत वक्तव्य में उन्होंने विस्तार राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर बल दिया।

अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा-"आप बहुत दिनों तक जंजीरों में रहते हैं तो आप अपने जंजीरों की इज्जत करने लगते हैं।" राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में उन्होंने कहा-"कोई भी शिक्षा नीति जब लागू होती तो उसके सन्दर्भ में राय लेना महत्त्वपूर्ण होती है।" अपना वक्तव्य आगे बढाते हुए उन्होंने कहा-शिक्षा व्यवस्था पौधे की तरह होती है।"

साथ ही कार्यक्रम के द्वितीय तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ०बृजेश दुबे  ए पी एन पी जी कॉलेज बस्ती ने किया,अपने विस्तृत वक्तव्य में उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर व्यापक प्रभाव डाला।

संगोष्ठी के प्रथम दिवस में  दो तकनीकी सत्रों में ऑनलाइन और ऑफलाइन कुल 52 शोध पत्र पढ़े गए।

    इस अवसर पर प्रमुख रूप से प्रो रीना पाठक प्राचार्य शिव हर्ष किसान पी जी कॉलेज बस्ती,प्रो अभय प्रताप सिंह प्राचार्य ए पी एन पी जी कॉलेज बस्ती, डॉ सूर्य प्रकाश तिवारी प्राचार्य, डॉ संदीप श्रीवास्तव प्राचार्य, डॉ रघुनाथ चौधरी, डा बलराम चौधरी, डॉ गजेन्द्र  उबारन गिरी, डॉ संध्या राय,विपिन कुमार,महाविद्यालय 

कार्यक्रम का संचालन डॉ नूतन यादव एवं आभार ज्ञापन डॉ सुधा त्रिपाठी ने किया।

  राष्ट्रीय संगोष्ठी के तकनीकी सत्र का संचालन प्रख्यात समाजशास्त्री डॉ रघुवर पाण्डेय ने किया 

 डॉ सीमा सिंह, डॉ० वीना सिंह, डॉ स्मिता सिंह,डॉ० सुहासिनी सिंह, डॉ० रुचि श्रीवास्तव, श्रीमती प्रियंका सिंह, डॉ०सन्तोष यदुवंशी, डॉ० प्रियंका पांडेय,डॉ कमलेश पांडेय, नेहा श्रीवास्तव ,मोनी पांडेय,श्री दुर्गेश गुप्ता, गिरिजा नंद राव,अरुण मणि त्रिपाठी, सूर्या उपाध्याय, अनुराग शुक्ला, पूनम यादव,सहित शिक्षक और शोध छात्र उपस्थित रहे।

     

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